पंजाब को रक्षा निर्माण क्षेत्र के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा: अमन अरोड़ा
- By Gaurav --
- Saturday, 10 Jan, 2026
Punjab to be developed as a major hub for defence manufacturing sector:
पंजाब को भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने और राज्य की अथाह क्षमता को देश की रक्षा आवश्यकताओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा उच्च-स्तरीय डिफेंस स्किल्स कनक्लेव (रक्षा कौशल सम्मेलन) आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा, एयरोस्पेस और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया। पंजाब के रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन ने रक्षा निर्माण क्षेत्र में देश को आत्म-निर्भर बनाने के लिए राज्य को महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में उभारने वाले प्लेटफॉर्म के तौर पर भूमिका निभाई।
इस सम्मेलन में रक्षा सचिव (भारत सरकार) श्री राजेश कुमार सिंह, पंजाब के मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा, प्रधान सचिव रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास और प्रशिक्षण श्रीमती अलकनंदा दयाल तथा वरिष्ठ नीति निर्माता, प्रमुख डिफेंस पी.एस.यू. और मूल उपकरण निर्माता (ओ.ई.एम.) से प्रमुख उद्योगपति, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख और कौशल विशेषज्ञों ने विशेष रूप से भाग लिया। इस सम्मेलन का उद्देश्य एक ऐसा उद्योग-अनुकूल कौशल विकास पारिस्थितिकी तंत्र बनाना था जो आधुनिक युद्ध और एयरोस्पेस से संबंधित उभरती तकनीकी मांगों को पूरा करता हो।
श्री अमन अरोड़ा ने मुगल युग से लेकर अब तक भारत की रक्षा में पंजाब के योगदान का हवाला देते हुए राज्य की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग की युद्ध तकनीकों को देखते हुए बहादुरी को अत्याधुनिक कौशलों से लैस किया जाना चाहिए। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की राज्य को एक ऐसे हब में बदलने की प्रतिबद्धता को दोहराता है जहां राज्य न केवल सैनिक पैदा करे बल्कि देश को रक्षा निर्माण में 'आत्मनिर्भर' बनाने के लिए कुशल तकनीशियन और इंजीनियर भी पैदा करे।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश की आबादी का मात्र 2 प्रतिशत है, इसके बावजूद देश की सेना में राज्य का योगदान 12 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में पंजाब की एक अनूठी पहचान है और रक्षा उद्योग में निवेश आकर्षित करने की अथाह क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के मोहाली और अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भारत के सबसे बड़े हवाई सेना बेसों में से एक आदमपुर में स्थित है। इसके अलावा, राज्य में कारोबार-अनुकूल नीतियां और अनुकूल माहौल है। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा क्षेत्र के लिए कौशल की खाई की समीक्षा करने और लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने के लिए उद्योगपतियों, शैक्षणिक संस्थानों और भागीदारों के साथ मिलकर काम कर रही है।
भारत के रक्षा कौशल विकास प्रयासों में पंजाब द्वारा महत्वपूर्ण योगदान की संभावना को उजागर करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भविष्य में रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास संबंधी देश की डिजिटल, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक रूप से सेवा करने की सबसे अधिक क्षमता पंजाब के पास ही है। उन्होंने इन संभावनाओं से भरपूर लाभ उठाने और पंजाब को देश की मजबूत ढाल के रूप में स्थापित करने के लिए उद्योग जगत और केंद्र सरकार के बीच मिलकर नीतियां बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पंजाब सरकार की रक्षा कौशल सम्मेलन आयोजित करने के लिए प्रशंसा करते हुए भारत सरकार के रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने इस पहल को भारत को वैश्विक स्तर पर रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में उभारा की दिशा में विशेष कदम बताया। उन्होंने स्किल इको-सिस्टम को और मजबूत करने और एक अनूठा औद्योगिक आधार तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के रक्षा निर्माण क्षेत्र में अथाह संभावनाएं हैं क्योंकि राज्य के पास समृद्ध सैन्य परंपरा और संस्कृति है।
मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा और श्रीमती अलकनंदा दयाल ने राज्य में रक्षा निर्माण क्षेत्र में आने वाले निवेशकों को निर्विघ्न सुविधा और पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन देने में रक्षा, एयरोस्पेस और रणनीतिक क्षेत्रों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्य सचिव श्री सिन्हा ने कहा कि यह सम्मेलन भारत के रक्षा क्षेत्र में नवाचार और स्व-निर्भरता को बढ़ाने में सहायक होगा।
इस दौरान राज्य सरकार ने सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एस.आई.डी.एम.), नैसकॉम, माइक्रोसॉफ्ट, आई.बी.एम. और 1एम1बी (1 बिलियन फॉर 1 मिलियन) जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौते भी सहीबद्ध किए, जिनका उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस में उच्च-मूल्य वाली भूमिकाओं के लिए पंजाब के युवाओं की रोजगार योग्यता और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ाना है।
इस सम्मेलन में आई.आई.टी. दिल्ली, आई.आई.टी. रोपड़, आई.आई.टी. इंदौर, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के साथ-साथ भारत फोर्ज लिमिटेड, महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स, एल एंड टी डिफेंस, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और सफरन इंडिया समेत रक्षा उद्योग के अनेक दिग्गजों द्वारा भागीदारी देखने को मिली। इस समागम में विशेष रूप से हरियाणा, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर समेत अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। यह डिफेंस स्किल्स कनक्लेव पंजाब के विकास में एक बड़ी तब्दीली लाने वाला कदम है, जो राज्य की कुशल, नवाचारी और टिकाऊ वर्कफोर्स पर केंद्रित है और भारत के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तैयार किया गया